150 gram of leaves of Pongamia pinnata (L.) Pierre.
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Karanj: कई रोगों की रामबाण दवा है करंज- Acharya Balkrishan Ji (Patanjali)
आचार्य श्री बालकृष्ण
September 27,2019
करंज के पौधे (karanja plant) को आपने ज्यादातर नदियों या नालों के पास देखा होगा। यह देखने में बहुत साधारण पेड़ लगता है, लेकिन सच यह है कि करंज के अनेक फायदे हैं। आपको पता नहीं है तो यह जान लीजिए कि करंज के पौधे को औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। गंजेपन की समस्या, आंखों, दांतों के रोग में करंज से लाभ मिलता है।
Indian Beech benefits
आयुर्वेद के अनुसार, घाव, कुष्ठ रोग, पेट की बीमारी और बवासीर जैसे रोग में करंज के फायदे मिलते हैं। आइए जानते हैं आप किस-किस बीमारी में करंज से लाभ ले सकते हैं।
Contents [show]
करंज क्या है? (What is karanja in Hindi?)
करंज की कई प्रजातियां पाई जाती हैं; लेकिन मुख्य तौर पर चिकित्सा के लिए तीन प्रजातियों का प्रयोग किया जाता है, जो ये हैंः-
वृक्ष करंज (Pongamia pinnata (Linn.) Pierre.)
पूतिकरंज (Caesalpinia bonduc (Linn.) Roxb.)
लता करंज (Caesalpiniacrista Linn.)।
इसके बीजों से प्राप्त तेल (karanj oil) का प्रयोग चर्म रोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यहां करंज से होने वाले सभी फायदे के बारे को बहुत ही आसान शब्दों (karanj in hindi) में लिखा गया है ताकि आप करंज से पूरा-पूरा लाभ ले पाएं।
अन्य भाषाओं में करंज के नाम (Name of karanja in Different Languages)
करंज का वानस्पतिक नाम Pongamia pinnata (L.) Pierre. (पोंगैमिया पिन्नाटा) Syn-Pongamia glabra Vent., Derris indica (Lam.) Bennet है। यह Fabaceae (फैबेसी) कुल का है। करंज को देश या विदेश में अन्य इन नामों से भी जाना जाता हैः-
karanja in –
Hindi – करञ्ज, करञ्जवा, किरमाल, पापर, दिठोरी
English – स्मूथ लीव्ड पोंगेमिया (Smooth leaved pongamia), इण्डियन बीच (Indian Beech), Pongam oil tree (पोंग्म ऑयल ट्री)
Sanskrit – करञ्ज, नक्तमाल, उदकीर्य :, गुच्छपुष्पक, घृतपूर्ण:, स्निग्धपत्र
Urdu – करञ्जवह (Karanjvah)ऐ
Oriya – कोनीआ (Konia), कोरोन्जो (Koronjo)
Kannada – होंगे (Honge)
Gujarati – कणझी (Kanjhi), करञ्ज (Karanj)
Tamil – पुंगम् (Pungam), पुंगामरम् (Pungamaram), पुंकफ (Punku)
Telugu – कागु (Kaagu), करनुगा (Karnuga)
Bengali – डहर करञ्जा (Dahar karanja), केरूम (Kerum)
Nepali – कारंगी (Karangi)
Punjabi – सुखचेन (Sukhchen), पाफ्राप् (Pafri)
Marathi – करञ्ज (Karanj), घनेरा करञ्ज (Ghanera karanj)
Malayalam – पोन्नम् (Ponnam), पुंगामरम् (Pungamaram), उन्नेमरम् (Unnemaram)
करंज के फायदे और उपयोग (Karanja Tree Benefits and Uses in Hindi)
करंज के औषधीय प्रयोग, प्रयोग की मात्रा एवं विधियां ये हैंः-
गंजेपन की बीमारी में करंज के फायदे (Karanja Oil Benefits in Baldness Problem in Hindi)
करंजादि तेल (karanj tel) से सिर की मालिश करें। इससे इन्द्रलुप्त (गंजेपन की समस्या) में लाभ होता है। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह से प्रयोग करें।
करंज के औषधीय गुण से खांसी का इलाज (Benefits of Karanja Tree in Fighting with Cough in Hindi)
1-3 ग्राम करंज बीज के चूर्ण को मधु के साथ मिलाकर चाटें। इससे कुक्कुर खांसी में लाभ मिलता है।
करंज के औषधीय गुण से उल्टी का इलाज (Karanja Tree Benefits to Stop Vomiting in Hindi)
करंज के पत्ते से काढ़ा बना लें। इससे बने यवागू को पीने से उल्टी पर रोक लगती है। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर सलाह लें।
करंज के सेवन से भूख में बढ़ोतरी (Karanja Tree Uses in Increasing Appetite in Hindi)
करंज का काढ़ा बनाकर गरारा करें। इसके साथ ही करंज की लकड़ी से दंतधावन (दातुन) करने से भूख बढ़ती है। इससे भोजन के प्रति अरुचि खत्म होती है।
तिल्ली बढ़ने की समस्या में करंज के फायदे (Karanja Tree Uses in Spleen Disease in Hindi)
20-30 मिली अम्लकाञ्जी में 65 मिग्रा करंज क्षार, विड नमक तथा 500 मिग्रा पिप्पली का चूर्ण मिला लें। इसका सेवन करने से प्लीहोदर (तिल्ली के बढ़ने की समस्या) में लाभ होता है।
पेट के रोग में करंज के सेवन से लाभ (Karanja Oil Benefits to Cure Abdominal Disease in Hindi)
करंज फलमज्जा (1-2 ग्राम) को भून लें। इसमें सेंधा नमक मिला लें। इसका सेवन करने से पेट के दर्द से आराम मिलता है।
करंज के बीजों का छिलका उतार कर साफ कर लें। इसे थूहर के पत्तों के रस की भावना दें। इसके बाद इसे धूप में सुखाकर तेल (karanj tel) निकाल लें। इसका प्रयोग करने से पेट के फोड़े ठीक होते हैं।
करंज बीज, सोंठ तथा वचा को करंज के काढ़ा में पीसकर लगाने से पेट के फोड़े ठीक होते हैं।
करंज के छिलका रहित बीज चूर्ण को सेहुण्ड के रस के साथ पीस लें। इसे लगाने से पेट के अंदर के फोड़े ठीक होते हैं।
करंज के सेवन से दस्त पर रोक (Karanja Tree Benefits to Stop Diarrhea in Hindi)
5 मिली करंज के पत्ते के रस में 2 मिली चित्रक के पत्ते का रस मिला लें। इसमें 500 मिग्रा मरिच चूर्ण, तथा नमक मिलाकर सेवन करें। इससे जठराग्नि दीप्त होती है। इससे दस्त पर रोक लगती है।
करंज के सेवन बवासीर का इलाज (Karanja Oil Benefits to Cure Hemorrhoids in Hindi)
2 ग्राम करंज के पत्ते को घी या तेल में भून लें। इसमें जौ का सत्तू मिला लें। भोजन के पहले सेवन करने से बवासीर ठीक (karanj ke fayde) हो जाता है।
1 ग्राम करंज की जड़ को गौमूत्र में पीस लें। इसे छाछ के साथ तीन दिनों तक पिएं। इसके अलावा 1-3 ग्राम बीज चूर्ण में शर्करा मिलाकर खाने से भी बवासीर में लाभ होता है।
करंज के कोमल पत्तों को पीसकर बवासीर के मस्सों में लगाएं। इससे खूनी बवासीर में लाभ होता है।
करंज के औषधीय गुण से भगंदर का इलाज (Karanja Roots Benefits in Fistula Treatment in Hindi)
करंज की जड़ को पीस लें। इसका रस निकालकर भगन्दर पर लगाने से लाभ होता है। बेहतर परिणाम के लिए किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर परामर्श लें।
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मूत्र रोग में करंज के सेवन से लाभ (Karanja Tree Benefits to Treat Urinary Disease in Hindi)
करंज के फूलों का काढ़ा बना लें। इसे 10-15 मिली की मात्रा में पीने से बार-बार पेशाब करने की समस्या (मूत्रातिसार) में लाभ होता है।
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सिफलिस (उपदंश) में करंज के गुण से फायदा (Karanja Oil Benefits in Syphilis Disease in Hindi)
करंज के बीज के तेल (karanj tel) में 1-2 बूंद नींबू का रस मिला लें। इसे घाव पर लगाने से उपदंश (सिफलिस) में लाभ होता है।
Pongamia pinnata (L.) Pierre
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